Tuesday, 13 January 2015

विगत ५ वर्षो से मौनव्रत धारण करने के साथ साथ विगत १५ वर्षो से भी अधिक समय से एकांत तपोनिष्ठ, अनुसंधानों और सघन अनुष्ठानो में रत Swami Vigyanacharya

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हमारे आचार्य  जी जो विगत ५ वर्षो से मौनव्रत धारण करने के साथ साथ  विगत १५ वर्षो से भी अधिक समय से  एकांत तपोनिष्ठ, अनुसंधानों और सघन अनुष्ठानो में रत होने के कारण इन पवित्र पावन नदियों के  जल का उपयोग  आचार्य प्रवर  यज्ञ अनुष्ठानो में करते हुए आ रहे है  और आचार प्रवर को  पवित्र यमुना और गँगा के जल की आवश्यकता नित्य पड़ती है, किन्तु  इन पवित्र नदियों में अब जल तो पावन पवित्र निर्मल रहा नहीं सो हमें यमुना और गंगा को मुक्त और शुद्ध करवा के आचार्य प्रवर के यज्ञ में सह भागिता निभानी है क्या आप भी इस पवित्र आभियान के सह भागी वनेगे और अन्य बंधू बान्धवो प्रेरित करेंगे जो यामी-भगीरथी को वृत्तासुर से एक वार  पुनः मुक्त करायेगे













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